गतांक से आगे धर्म गुरु कहते हैं कि तेरे कर्मों से कुछ भी नहीं होने वाला है , जो कुछ भी होगा ईश्वर की कृपा से ही होगा और दूसरी बात वह यह भी कहते हैं कि " भगवान् हमेशा भक्त के वश में रहते हैं " दोनों बातों पर अगर विचार करते हैं तो विरोधाभास स्वतः ही पैदा हो जाता है . अब मनुष्य क्या करे भाग्य को देखे या कर्म के फल को ? यह ऐसी बातें हैं जिन पर हम सोच विचार तो कर सकते हैं लेकिन किसी अंतिम निर्णय तक पहुंचना टेढ़ी खीर के समान है . मनुष्य ने सृष्टि के प्रारंभ से लेकर आज तक कर्म और भाग्य के द्वंद्व को समझने की... read more »